Kaha hai sholey film Ka Ramgarh

फ़िल्म शोले में दिखाए गए गांव रामगढ़ का असली नाम रामनगरम है ये गांव मैसूर और मंगलुरु के बीच कर्नाटक में पड़ता है. इस गांव की खाशियत यहाँ कि पहाड़ और एक दुर्लभ किस्म का गिद्ध है जो यहा पाया जाता है. 1975 से 1980 के दसक में बनी इस फ़िल्म ने पूरी दुनिया का मन मोह लिया एक ऐतिहासिक फ़िल्म बनाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरत होती है एक ऐतिहासिक स्पॉट की . इसके लिए शिप्पी साहब ने इस जगह को चुना क्योकी ये इलाका बिल्कुल शान्त सुर पहाड़ों से घिरा हुआ है. यहाँ आज भी कई ऐसे लोग मजूद है जिन्होंने अपनी आंखों से इसकी शूटिंग देखी हुई है और उनकी कई यदि जुड़ी हुई है.
इस फ़िल्म को फिल्माने के लिए काफी लोगो जरूरत पड़ी थी और यहां स्थानीय लोगो को बोहुत काम के लिए नियुक्त किया गया जैसे अपने फ़िल्म जो गांव देखा है उसका पूरा सेट तैयार करना. इस इलाके के एक छोटे से हिस्से में सेट लगा के एक पूरा गांव तैयार किया गया था.
पानी की टंकी का वो इतिहासिक सीने जिस पे वीरू खुदने की और सुसाइड करने की धमकी देते है वो भी सेट का ही हिस्सा है. सेट फ़िल्म के बाद वह से हटा लिया गया.
आज यहां कुछ लोगो का ये भी मानना है कि फ़िल्म शूटिंग के दौरान जो भारी मात्रा में भिस्पोट किया गया उसे वातावरण को काफी नुकसान पहुंचा लेकिन इसके के लिए वो सिर्फ शोले फ़िल्म को दोसी नही मानते इस फ़िल्म के एक हॉलीवुड फिल्म "द पैसेज ऑफ इंडिया" को भी दोष देते है.
यदि आप इस फ़िल्म के फैन है या मेरी तरह फिल्मीकीडे है तो इस इलाके में घूमने जारोइर जाए क्योंकि पिछले कई साल से टूरिज्म संख्या यहा काम होती जा रही है.जो दुर्लवभ गिद्ध यहाँ मिलते है उनकी संख्या भी कम रही गवर्नमेंट को कुछ सोचना चाहिए इसके लिए.

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